बस्तर की सुरम्य वादियों में अब लाल और सुनहरी कॉफी की महक बिखर रही है। बस्तर के आदिवासी किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ अब कॉफी उत्पादन में भी महारत हासिल कर रहे हैं। जिला प्रशासन की सहायता से दरभा, कांजीराम और काकापुल के सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में कॉफी का रकबा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बस्तर कॉफी की स्वाद गुणवत्ता दक्षिण भारत की कॉफी से भी बेहतर पाई गई है। कई प्रमुख राष्ट्रीय कॉफी रिटेल ब्रांड्स ने बस्तर की उपज खरीदने में रुचि दिखाई है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
